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अच्छी खबर-गोरखपुर के इस महिला पे हम सबको गर्व है पढ़े इनके कारनामे

गोरखपुर में एक महिला ने शौचालय बनवाने के लिए अपने गहने और मंगलसूत्र तक बेच दिया. हालांकि, शुरूआत में तो उसके इस कदम का विरोध हुआ, लेकिन अब गांव की तस्‍वीर बदल गई है. ऐसे में सविता लोगों के लिए नजीर बन गई हैं.

इस महिला के साथ आज गांव की महिलाएं टोलियां बनाकर लोगों को खुले में शौच जाने से रोकती हैं और उन्‍हें खुले में शौच के दुष्‍प्रभाव के बारे में भी बताकर जागरूक भी करती हैं.

बता दें, कि बूढ़ाडीह गांव की रहने वाली सविता ने हालांकि अक्षय कुमार की फिल्‍म ‘टॉयलेट’ एक प्रेम कथा’ तो नहीं देखी. लेकिन, सविता की कहानी इस फिल्‍म से काफी मिलती जुलती है. बिहार के पटना की रहने वाली सविता की साल 2011 में जब बूढ़ाडीह गांव के रहने वाले वीरेंद्र मौर्य से शादी हुई, तो वह सविता को लेकर शिमला कमाने चला गया.

जब 8 महीने बाद सविता अपने ससुराल बूढ़ाडीह पहुंची, तो उन्‍हें यह जानकार हैरत हुई कि उन्‍हें यहां खुले में शौच जाना होगा. सविता ने पति से खुले में शौच जाने से साफ इंकार कर दिया. उसने बताया कि मायके और शिमला में भी कभी वह खुले में शौच नहीं गई थीं. सविता ने जब पति से घर में शौचालय बनवाने के लिए कहा, तब उसके पति ने 6 महीने का समय मांगा, तो सविता ने अपने गहने और मंगलसूत्र बेच दिए.

सविता ने बताया कि पहले तो गांव के पुरुष और महिलाओं के भी विरोध का उन्‍हें सामना करना पड़ा. उन्‍होंने ठान लिया कि वह महिलाओं को घर से निकलकर बाहर शौच के लिए नहीं जाने देंगी. उन्‍होंने अपने घर में शौचालय बनवाने के बाद गांव की महिलाओं को उनके सम्‍मान के बारे में जागरूक करना शुरू किया तो गांव की महिलाएं भी उनके साथ इस मुहिम में जुट गई.

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